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उज्जैन में फर्जी विजिलेंस अधिकारी गिरफ्तार:फर्जी अफसर ने संभागायुक्त और एडीजी से डेढ़ घंटे बात की
केंद्रीय सतर्कता आयोग नई दिल्ली का अधिकारी बनकर संभागायुक्त और एडीजी से गोपनीय जानकारी एकत्र करने पहुंचे व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। फर्जी विजिलेंस अधिकारी ने संभागायुक्त और आईजी को ई-मेल कर खुद ने मिलने का टाइम तय किया था। वे मिले तो बोला कि सीधे प्रधानमंत्री से जुड़ा हूं, उन्हीं को रिपोर्ट देता हूं।
यहां मंत्रियों की शिकायतें बहुत हैं, जिसे लेकर गोपनीय जानकारी पता करने आया हूं। माधवनगर पुलिस द्वारा आईजी कार्यालय से गिरफ्तार फर्जी विजिलेंस अधिकारी ने अपना नाम प्रमोद कुमार मेहता निवासी ऋषिनगर बताते हुए दुग्ध संघ का सेवानिवृत्त अधिकारी होना भी बताया। संबंधित व्यक्ति ने पहले कोठी स्थित प्रशासनिक कार्यालय पहुंचकर पहले संभागायुक्त से डेढ़ घंटे बात की।
इसके बाद आईजी कार्यालय आकर एडीजी योगेश देशमुख से गोपनीय जानकारी को लेकर चर्चा करना शुरू की लेकिन कुछ ही देर में एडीजी ने चालाकी पकड़ ली और माधवनगर पुलिस को फोन कर कार्यालय बुलवा कहा कि इन्हें ले जाइए और अच्छे से पूछताछ कीजिए।
माधवनगर थाने में पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया- अधिकारियों से संबंध बनाकर लोगों के काम करवा सकूं इसलिए ऐसा किया। वहीं परिजन से पुलिस ने संपर्क किया तो यह बताया कि मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।
संभागायुक्त बोले- मुझे परिचय दिया सीधे पीएम से ही जुड़ा हूं
संभागायुक्त को मुलाकात का समय देकर डेढ़ घंटे से उनसे गोपनीय चर्चा करने वाले फर्जी विजिलेंस अधिकारी की बातें सुन संभागायुक्त संदीप यादव भी हैरान रह गए। संभागायुक्त ने बताया कि वह मुझसे मिला और सीधे प्रधानमंत्री से नीचे तो बात ही नहीं कर रहा था। बोला कि मैं तो पीएम से जुड़ा हूं, उन्हें ही रिपोर्ट करता हूं। इस टूर प्रोग्राम के माध्यम से मंत्रियों के बारे में गोपनीय जानकारी पता करने निकला हूं इसलिए प्रोटोकॉल भी नहीं लेता हूं।
एडीजी ने कहा- मेल भेज मिलने का टाइम दिया, क्रॉस प्रश्न किए तो जवाब नहीं दे पाया
एडीजी देशमुख ने कहा कि फर्जी विजिलेंस अधिकारी ने मुझे भी मेल किया था। इसमें लिखा था- सर्वाधिक गोपनीय, आगे लिखा माननीय सतर्कता आयोग नई दिल्ली। मेल कैबिनेट सेक्रेटरी, सीएमओ भारत सरकार को भी सीसी किया। मुझे फोन भी लगाया व खुद ही मिलने का टाइम गुरुवार सुबह 11.30 बजे तय किया।
एडीजी ने बताया कि बोला संभाग में मंत्रियों के खिलाफ बहुत शिकायतें हैं, आपको जो सूचना हो मुझे बताएं। ओवर कांफिडेंस वाली बातों से ही संदेह हो गया था। उससे आयोग संबंधी क्राॅस प्रश्न किए तो जवाब नहीं दे पाया। उसे माधवनगर थाने भिजवाया।